Acharya Satyendra Das Dies: अयोध्या राम मंदिर के प्रधान पुजारी दास का 83 वर्ष की उम्र में निधन

(Acharya Satyendra Das)अयोध्या, जो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में जानी जाती है, भारत की धार्मिक और आध्यात्मिक धरोहर का केंद्र रही है। यहां के संतों और महंतों ने सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखा है। ऐसे ही एक महान संत थे Acharya Satyendra Das, जिन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर के प्रधान पुजारी के रूप में दशकों तक सेवा की। उनका जीवन आध्यात्मिकता, सेवा और समर्पण का प्रतीक था।

Acharya Satyendra Das Dies

83 वर्षीय Acharya Satyendra Das निर्वाणी अखाड़े के एक प्रतिष्ठित संत थे। उन्होंने 20 वर्ष की आयु में संन्यास ग्रहण किया और अपना संपूर्ण जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया। 1992 में जब बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ, उस समय भी वे राम मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने मंदिर की मूर्ति को सुरक्षित रूप से फकीरे मंदिर में स्थानांतरित किया था, और बाद में अस्थायी राम मंदिर में रामलला की पुनः प्राण प्रतिष्ठा की थी।

Acharya Satyendra Das का प्रारंभिक जीवन और संन्यास ग्रहण

Acharya Satyendra Das का जन्म एक धार्मिक परिवार में हुआ था। बाल्यकाल से ही वे हिंदू धर्म, वेद, पुराण, उपनिषद, गीता और रामायण के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनका बचपन धार्मिक आयोजनों, कथा-वाचन और संतों के प्रवचनों को सुनते हुए बीता।

20 वर्ष की आयु में उन्होंने संन्यास लेने का संकल्प लिया। वे अयोध्या आए और निर्वाणी अखाड़े में दीक्षा प्राप्त की। यहां उन्होंने संस्कृत, शास्त्र अध्ययन और वेदों का गहन ज्ञान अर्जित किया। शीघ्र ही वे एक प्रतिष्ठित संत के रूप में पहचाने जाने लगे और उनकी विद्वत्ता की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई।

राम मंदिर आंदोलन में Acharya Satyendra Das की भूमिका

Acharya Satyendra Das राम मंदिर आंदोलन से गहराई से जुड़े थे। जब 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ, तब वे राम जन्मभूमि मंदिर के प्रधान पुजारी थे।

बाबरी विध्वंस से पहले उन्होंने भगवान श्रीराम की मूर्तियों को फकीरे मंदिर में स्थानांतरित कर दिया था। इस तरह उन्होंने मूर्तियों को किसी भी संभावित क्षति से बचाया। जब विध्वंस के बाद अस्थायी राम मंदिर का निर्माण किया गया, तो उन्होंने वहां भगवान श्रीराम की पुनः प्राण प्रतिष्ठा करवाई

इस घटना के बाद, वे राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के धार्मिक मामलों में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बन गए। उनके विचार और मार्गदर्शन मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में सहायक सिद्ध हुए।

अयोध्या राम मंदिर के प्रमुख पुजारी के रूप में योगदान

राम मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में Acharya Satyendra Das का योगदान अतुलनीय रहा। वे रामलला की दैनिक पूजा, आरती, भोग और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का नेतृत्व करते थे

जब 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की, तब Acharya Satyendra Das मुख्य पुजारी के रूप में इस पवित्र अनुष्ठान का हिस्सा बने

11 जनवरी 2025 को उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पहली वर्षगांठ मनाई और इसे “अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध” बताया।

राम जन्मभूमि के धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन

Acharya Satyendra Das ने रामलला की आरती, भोग और विशेष पर्वों के अनुष्ठानों को परंपरागत रूप से संपन्न कराया। राम मंदिर में निम्नलिखित अनुष्ठानों का वे नेतृत्व करते थे—

  • मंगला आरती (प्रातः काल)
  • श्रृंगार आरती
  • भोग आरती
  • संध्या आरती
  • विशेष पूजन और अभिषेक

5 प्रमुख तथ्य: Acharya Satyendra Das का जीवन और योगदान

1. प्रारंभिक जीवन और संन्यास

  • 20 वर्ष की आयु में संन्यास ग्रहण किया और अपना जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया।
  • निर्वाणी अखाड़े के एक प्रमुख संत बने और संस्कृत, वेद-पुराणों का गहन अध्ययन किया।

2. बाबरी विध्वंस के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका

  • 6 दिसंबर 1992 को राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी थे।
  • बाबरी विध्वंस से पहले रामलला की मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया और बाद में अस्थायी मंदिर में उनकी पुनः प्राण प्रतिष्ठा की।

3. अयोध्या राम मंदिर के आध्यात्मिक मार्गदर्शक

  • राम मंदिर निर्माण के दौरान पूजन और धार्मिक प्रक्रियाओं का संचालन किया।
  • 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मुख्य पुजारी रहे।

4. स्वास्थ्य समस्याएं और अस्पताल में भर्ती

  • पिछले कुछ वर्षों से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे
  • उन्हें पहले अयोध्या के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में उन्हें लखनऊ के SGPGI अस्पताल में रेफर किया गया

5. डॉक्यूमेंट्री में विशेष उपस्थिति

  • 2024 में “द बैटल ऑफ अयोध्या” नामक एक डॉक्यूमेंट्री में शामिल हुए, जिसमें उन्होंने अयोध्या विवाद और राम मंदिर आंदोलन पर अपने विचार व्यक्त किए

मीडिया से गहरा संबंध

Acharya Satyendra Das मीडिया से हमेशा जुड़े रहे। वे राम मंदिर आंदोलन, अयोध्या के धार्मिक परिदृश्य और मंदिर निर्माण की प्रगति पर मीडिया को सटीक जानकारी प्रदान करते थे। उनकी सहज उपलब्धता और विद्वत्ता के कारण वे पत्रकारों के लिए एक विश्वसनीय स्रोत थे।

राम मंदिर के नए पुजारी की नियुक्ति

Acharya Satyendra Das के निधन के बाद, अब अयोध्या में राम मंदिर के नए मुख्य पुजारी की नियुक्ति का विषय उठेगा। मंदिर प्रशासन द्वारा एक योग्य संत को इस पद पर नियुक्त किया जाएगा, जो Acharya Satyendra Das की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

Acharya Satyendra Das Dies

निष्कर्ष

Acharya Satyendra Das एक महान संत, विद्वान और अयोध्या के धार्मिक परिदृश्य के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने राम मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में दशकों तक सेवा की और मंदिर निर्माण से जुड़े सभी धार्मिक अनुष्ठानों का नेतृत्व किया

👉 उनका जीवन भक्ति, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है।
👉 उनका योगदान सनातन धर्म और अयोध्या के धार्मिक इतिहास में सदैव अमर रहेगा।

🚩 भगवान श्रीराम उन्हें अपने चरणों में स्थान दें! 🚩

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