AI Action Summit 2025 एक वैश्विक सम्मेलन है, जो फ्रांस के पेरिस में ग्रैंड पैलेस में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में विश्व के शीर्ष नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक साथ आकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भविष्य की संभावनाओं, सुरक्षा उपायों और वैश्विक नियमों पर चर्चा करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।
कौन-कौन होंगे इस सम्मेलन में शामिल?
AI Action Summit 2025 में दुनिया भर के कई प्रभावशाली नेता और तकनीकी जगत के दिग्गज हिस्सा लेंगे। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
प्रतिभागी | पद | देश |
---|---|---|
नरेंद्र मोदी | प्रधानमंत्री | भारत |
इमैनुएल मैक्रों | राष्ट्रपति | फ्रांस |
JD वांस | उप-राष्ट्रपति | अमेरिका |
झांग गुओकिंग | उप-प्रधानमंत्री | चीन |
उर्सुला वॉन डेर लेयेन | अध्यक्ष | यूरोपीय आयोग |
ओलाफ शॉल्ज़ | चांसलर | जर्मनी |
सैम ऑल्टमैन | सीईओ | OpenAI |
सुंदर पिचाई | सीईओ | गूगल |

AI Action Summit 2025 में किन विषयों पर होगी चर्चा?
इस शिखर सम्मेलन में निम्नलिखित विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी:
- AI सुरक्षा: AI के दुरुपयोग को रोकने और नैतिक मानकों को लागू करने पर विचार।
- वैश्विक आर्थिक अवसर: AI आधारित उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों की समीक्षा।
- DeepSeek और प्रतिस्पर्धा: चीन की उभरती AI स्टार्टअप DeepSeek पर चर्चा, जो उच्च-प्रदर्शन वाले कम लागत के AI मॉडल विकसित कर रहा है।
- AI नियम और नियंत्रण: AI के लिए वैश्विक स्तर पर नियमों को निर्धारित करने की संभावनाएँ।
- यूरोपीय AI इकोसिस्टम: फ्रांस और यूरोप में AI के विस्तार को लेकर चर्चा।
भारत-फ्रांस संबंधों को और मज़बूती देने की योजना

AI से इतर, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों भारत-फ्रांस के रणनीतिक संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा करेंगे। इस यात्रा में टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
भारत के लिए यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण?
- नया वाणिज्य दूतावास: मोदी और मैक्रों फ्रांस के मार्सिले शहर में भारत के पहले वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे।
- परमाणु ऊर्जा में सहयोग: मोदी ITER परियोजना का दौरा करेंगे, जिसमें भारत सस्टेनेबल एनर्जी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- रक्षा सौदे: भारत 26 राफेल फाइटर जेट और 3 स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद के अंतिम चरण में है।
वैश्विक AI नेतृत्व में भारत की भूमिका
इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भारत को AI क्षेत्र में एक अग्रणी शक्ति के रूप में प्रस्तुत करेंगे। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री के अनुसार, भारत का उद्देश्य है कि AI विकास केवल अमेरिका और चीन तक सीमित न रहे, बल्कि अन्य देशों को भी इसका समान अवसर मिले।
अमेरिका यात्रा: ट्रंप से मुलाकात
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे। इस बैठक में तकनीक, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा होगी।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत के वैश्विक तकनीकी, कूटनीतिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। AI Action Summit 2025 में उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी आधिकारिक निर्णय से पहले सरकारी स्रोतों से पुष्टि करें।
FAQs
Q1: AI Action Summit 2025 कहाँ हो रहा है?
A: यह फ्रांस के पेरिस में ग्रैंड पैलेस में आयोजित हो रहा है।
Q2: प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में क्या खास है?
A: इस यात्रा के दौरान वे AI शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे, भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करेंगे और अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप से मिलेंगे।
Q3: क्या इस सम्मेलन में AI से जुड़े नए नियम बनाए जाएंगे?
A: हाँ, AI के वैश्विक नियम और सुरक्षा उपायों पर चर्चा होगी।
Q4: भारत और फ्रांस के बीच कौन-कौन से समझौते हो सकते हैं?
A: रक्षा, व्यापार, और परमाणु ऊर्जा में सहयोग से जुड़े समझौते होने की संभावना है।
Q5: मोदी की अमेरिका यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A: अमेरिका यात्रा का मुख्य उद्देश्य तकनीक, व्यापार और रक्षा संबंधों को मजबूत करना है।