anant singh news: ‘छेड़ा है छोड़ेंगे नहीं, भस्मासुर बनेंगे तो…’ गैंगवार के बाद अब बाहुबली अनंत सिंह को सोनू-मोनू की धमकी

anant singh पटना: बिहार के मोकामा क्षेत्र में बुधवार शाम पूर्व विधायक अनंत सिंह पर जानलेवा हमला हुआ। सोनू-मोनू गैंग ने नौरंगा-जलालपुर गांव में उनके काफिले पर 60-70 राउंड फायरिंग की। अनंत सिंह, जिन्हें “मोकामा का डॉन” और “छोटे सरकार” के नाम से जाना जाता है, इस हमले में बाल-बाल बच गए।

anant singh

फायरिंग की घटना का घटनाक्रम

anant singh मोकामा विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने नौरंगा-जलालपुर गांव पहुंचे थे। इसी दौरान सोनू-मोनू गैंग के बदमाशों ने फायरिंग की। पुलिस ने मौके पर तीन खोखे बरामद किए हैं। डीएसपी राकेश कुमार के अनुसार, गैंग ने घटना को अंजाम देने के बाद भागने का प्रयास किया।

सोनू-मोनू गैंग का आतंक

घटना से पहले सोनू-मोनू गैंग ने एक परिवार को घर से बाहर निकालकर उनके घर पर ताला लगा दिया था। सूचना मिलने पर अनंत सिंह वहां पहुंचे। गैंग के सदस्यों ने उन्हें देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के बाद से पूरे गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।


विवेका-anant singh की दुश्मनी: गैंगवार की जड़

anant singh और उनके सबसे बड़े दुश्मन विवेका पहलवान की दुश्मनी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। 2019 में anant singh के लदमा स्थित घर से एके-47 राइफल और हथगोले बरामद होने के बाद उन्हें जेल भेजा गया। इस घटना ने उनके और विवेका पहलवान के बीच लंबे समय से चल रही रंजिश को और गहरा कर दिया।

विवेका पहलवान का बैकग्राउंड

विवेका पहलवान, जो खुद गैंगस्टर के रूप में जाने जाते हैं, 9 साल जेल में बिताने के बाद रिहा हुए। उनकी और अनंत सिंह की दुश्मनी में कई हत्याएं, हमले और आपराधिक वारदातें शामिल हैं।

पहले के हमले

  1. 2004 में जानलेवा हमला:
    लदमा गांव में अनंत सिंह पर हमला हुआ, जिसमें उन्हें पीठ में गोली लगी थी। यह हमला कथित तौर पर विवेका पहलवान के इशारे पर किया गया था।
  2. स्टेनगन से हमला:
    एक अन्य हमले में स्टेनगन से चलाई गई सभी गोलियां anant singh के हाथ पर लगीं। इस हमले में उनके हाथ की हड्डियां टूट गई थीं, जिसके बाद ऑपरेशन कर स्टील का रॉड लगाया गया।

अनंत सिंह: एक बाहुबली से राजनेता तक का सफर

अनंत सिंह बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके हैं। उनका नाम एक प्रभावशाली और विवादित नेता के रूप में लिया जाता है।

राजनीतिक सफर

  • 2005 में जेडीयू के टिकट पर पहली बार मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
  • 2010 में लोजपा की सोनम देवी को बड़े अंतर से हराया।
  • 2020 में आरजेडी से चुनाव लड़कर चौथी बार विधायक बने।

आपराधिक रिकॉर्ड

उनके खिलाफ 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और डकैती जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।

व्यक्तिगत जीवन

अनंत सिंह का जन्म बिहार के बाढ़ ब्लॉक के नदावन गांव में भूमिहार समुदाय में हुआ। उनकी पत्नी नीलम देवी भी राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हैं।


मोकामा में बढ़ता गैंगवार का साया

मोकामा क्षेत्र, जहां anant singh की समानांतर सरकार चलने की बात कही जाती थी, एक बार फिर गैंगवार की चपेट में है। सोनू-मोनू गैंग और विवेका पहलवान जैसे अपराधियों के कारण यह इलाका कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है।

वर्तमान स्थिति

  • गांव में पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात किया है।
  • स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
  • पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गैंग के सदस्यों की तलाश जारी है।

anant singh की लोकप्रियता और विवाद

अनंत सिंह को “छोटे सरकार” और “मोकामा का डॉन” के नाम से पहचाना जाता है। हैट और चश्मे के शौकीन अनंत सिंह अपनी दबंग छवि के लिए जाने जाते हैं।

कानूनी विवाद

2019 में उनके घर से एके-47 और हथगोले की बरामदगी ने उनकी छवि को और विवादित बना दिया। इसके बावजूद उनकी राजनीतिक पकड़ और जनाधार मजबूत है।

भविष्य पर प्रभाव

इस फायरिंग की घटना ने एक बार फिर बिहार में बाहुबल और राजनीति के गठजोड़ को उजागर किया है।


निष्कर्ष

बिहार के मोकामा में अनंत सिंह पर हुए हमले ने राजनीतिक और आपराधिक तनाव को नई ऊंचाई दी है। यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था के हालात पर सवाल खड़े करती है। अनंत सिंह की छवि, जहां उनके समर्थकों के लिए ताकत और प्रभाव का प्रतीक है, वहीं उनके विरोधियों के लिए डर का पर्याय बनी हुई है।

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