Sushil Kumar Breaking News Live: दिल्ली हाईकोर्ट ने पहलवान सुशील कुमार को सागर धनखड़ हत्या मामले में नियमित जमानत दी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 4 मार्च 2025 को दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और भारतीय कुश्ती के प्रतिष्ठित पहलवान Sushil Kumar को जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में जमानत दे दी। इस मामले की शुरुआत मई 2021 में हुई थी, जब छत्रसाल स्टेडियम में एक विवाद के बाद सागर धनखड़ की निर्मम हत्या कर दी गई थी। सुशील कुमार, जो भारतीय खेल जगत का एक बड़ा नाम रहे हैं, इस घटना के बाद से लगातार कानूनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

Sushil Kumar Breaking News Live

मामले की पृष्ठभूमि

मई 2021 में छत्रसाल स्टेडियम में हुई इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, Sushil Kumar और उनके साथियों ने सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों के साथ मारपीट की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर सुशील कुमार और उनके साथियों को एक व्यक्ति की बुरी तरह से पिटाई करते हुए दिखाया गया था।

इस घटना के बाद पुलिस ने गहन जांच की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला एक जमीन विवाद के कारण हुआ था। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि सागर धनखड़ और उनके साथी सुशील कुमार के कब्जे वाली संपत्ति पर अधिकार जमाने की कोशिश कर रहे थे, जिससे नाराज होकर सुशील कुमार ने यह कदम उठाया।

दिल्ली पुलिस की जांच और आरोप (Sushil Kumar)

दिल्ली पुलिस की जांच में यह पता चला कि सागर धनखड़ और उनके साथियों को दिल्ली के विभिन्न स्थानों से अगवा किया गया था और छत्रसाल स्टेडियम लाया गया, जहां उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, स्टेडियम का गेट अंदर से बंद कर दिया गया था और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटने के लिए कहा गया था। इसके बाद, पीड़ितों को चारों तरफ से घेरकर करीब 30 से 40 मिनट तक बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में लाठियों, हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की अंतिम चार्जशीट में इस घटना के विस्तृत विवरण दिए गए हैं, जो 1,000 से अधिक पन्नों की है।

हत्या के पीछे की वजह

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस हिंसा की जड़ें संपत्ति विवाद से जुड़ी हुई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, विवादित जमीन के खरीद-फरोख्त और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद थे। इस मामले में कई अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जो इस हमले में शामिल थे।

Sushil Kumar को मिली जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा Sushil Kumar को दी गई जमानत उनके लिए राहत की बात है, लेकिन मुकदमे की प्रक्रिया अभी भी जारी है। अदालत का यह फैसला कुमार को अस्थायी राहत जरूर देता है, लेकिन अंतिम फैसला कानूनी कार्यवाही और दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

मामले पर मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया

यह मामला शुरू से ही मीडिया और जनता के बीच सुर्खियों में बना हुआ है। एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी का इस तरह के गंभीर अपराध में नाम आना खेल जगत के लिए एक बड़ा झटका था। खेल समुदाय और आम जनता इस मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुशील कुमार की जमानत से मामले की सुनवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत में दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य और गवाहों की गवाही पर अंतिम निर्णय आधारित होगा।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

जमानत मिलने के बावजूद, सुशील कुमार को अदालत में पेश होना होगा और मामले की सुनवाई में भाग लेना होगा। अभियोजन पक्ष द्वारा मजबूत सबूत पेश किए जाने पर जमानत रद्द भी की जा सकती है।

खेल जगत पर प्रभाव

इस मामले ने भारतीय कुश्ती समुदाय को भी हिला कर रख दिया है। सुशील कुमार, जो भारत के सबसे सम्मानित पहलवानों में से एक रहे हैं, इस विवाद में फंसने के बाद उनके करियर पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त की है और कुश्ती के खेल की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।

सुशील कुमार का बचाव पक्ष का तर्क

Sushil Kumar के वकीलों का दावा है कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उनका कहना है कि सुशील कुमार का मकसद सिर्फ अपने स्टेडियम और संपत्ति की रक्षा करना था, न कि किसी की हत्या करना। बचाव पक्ष यह भी तर्क दे रहा है कि पुलिस ने मामले को राजनीतिक रंग दिया है और जांच में पक्षपात किया गया है।

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निष्कर्ष

दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला Sushil Kumar के लिए एक राहत है, लेकिन मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है। खेल जगत, मीडिया और आम जनता की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं कि अदालत इस मामले में क्या अंतिम निर्णय देती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाता है और सुशील कुमार का भविष्य क्या होगा। भारतीय कुश्ती जगत के लिए यह एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है और इससे भविष्य में खिलाड़ियों के व्यवहार और विवादों को लेकर भी सख्त नियम बनाए जा सकते हैं।

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